Bihar Board 10th Social Science Guess VVI Subject Question 2026: बिहार बोर्ड 20 फरवरी 2026, 10th Social Science VVI Subject गेस प्रश्न, यहाँ से देखें @govbiharboard.com
Bihar Board 10th Social Science Guess VVI Subject Question 2026:
1. 1848 के फ्रांसीसी क्रांति के क्या कारण थे ? [2013, 14, 19, 20, 22, 24]
उत्तर:- लुई फिलिप ने गीजो को प्रधानमंत्री नियुक्त किया, जो कट्टर प्रतिक्रियावादी था। वह किसी भी तरह के वैधानिक, सामाजिक एवं आर्थिक सुधारों के विरूद्ध था। लुई फिलिप ने पूँजीपति वर्ग को साथ रखना पसन्द किया। उसके पास किसी भी तरह का सुधारात्मक कार्यक्रम नहीं था और न ही उसे विदेश नीति में ही किसी तरह की सफलता हासिल हो रही था। उसके शासन काल में देश में भुखमरी एवं बेरोजगारी व्याप्त होने लगी, जिसकी वजह से गीजों की आलोचना होने लगी। इसी कारण 1848 में फ्रांसीसी क्रांति हुआ।
2. राष्ट्रवाद के उदय के कारणों और प्रभाव का चर्चा करें। [2014,18,24]
उत्तर:- यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय के निम्नलिखित कारण हैं- फ्रांसीसी क्रांति- फ्रांसीसी क्रांति ने राजनीति को अभिजात्यवर्गीय परिवेश से बाहर कर उसे अखबारों, सड़कों और सर्वसाधारण की वस्तु बना दिया।
नेपोलियन का अभियान- यूरोप के कई राज्यों में नेपोलियन के अभियानों द्वारा नवयुग का संदेश पहुँचा। नेपोलियन ने जर्मनी और इटली के राज्यों को एक राजनीतिक रूपरेखा प्रदान की, जिससे इटली और जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ।
राष्ट्रवाद के उदय के प्रभाव :- राष्ट्रीयता की भावना से प्रेरित होकर अनेक राष्ट्रों में क्रांतियां, आंदोलन और नए रास्ते का उदय होने लगा।
राष्ट्रवाद का प्रभाव एशिया- अफ्रीका के उपनिवेशों पर भी पड़ा। राष्ट्रवाद के विकास ने प्रतिक्रियावादी शक्तियों और निरंकुश शासको का प्रभाव कमजोर कर दिया। राष्ट्रवादी प्रवृत्ति ने साम्राज्यवादी प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया। भारत भी यूरोपीय राष्ट्रवाद से प्रभावित हुआ।
3. हिंद चीन उपनिवेश स्थापना का उद्देश्य क्या था? [2011S, 2012S, 2013A, 2015AII, 2019AII]
उत्तर:- हिंद चीन में उपनिवेश स्थापना के उद्देश्य:-
- फ्रांस द्वारा हिंद चीन को अपना उपनिवेश बनाने का प्रारंभिक उद्देश्य डच एवं ब्रिटिश कंपनियों के व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना था।
- फ्रांस को उपनिवेश से कच्चा माल की आपूर्ति होती थी एवं उत्पादित वस्तुओं के लिए बाजार भी उपलब्ध होता था।
- पिछले समाज को सभ्य बनाना विकसित यूरोपीय राज्यों का स्वघोषित दायित्व था।
4. असहयोग आंदोलन के कारण एवं परिणामों का वर्णन करें। [20184AI, 2020All, 2021A, 2022AII]
उत्तर :- असहयोग आंदोलन प्रथम जन आंदोलन था। असहयोग आंदोलन का 1920 से 1922 तक महात्मा गांधी के द्वारा किया गया था।
> असहयोग आंदोलन के निम्नलिखित कारण थे:-
- रॉलेट एक्ट
- जलियांवाला बाग हत्याकांड
- खिलाफत आंदोलन
रॉलेट एक्ट:- बढ़ती हुई क्रांतिकारी घटनाओं को दबाने के लिए न्यायाधीश सिडनी रॉलेट के सुझाव पर रॉलेट एक्ट अधिनियम बनाया गया। इस अधिनियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बिना किसी साक्ष्य और वारंट के गिरफ्तार किया जा सकता था। किस अधिनियम के विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती थी।
जलियांवाला बाग हत्याकांड:- रॉलेट एक्ट कानून के विरोध में 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल के बाद 9 अप्रैल 1919 को अमृतसर में कांग्रेस के दो नेता डॉक्टर सत्यपाल एवं किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस गिरफ्तारी के विरुद्ध अमृतसर के जलिया वाला बाग में एक सभा बुलाया गया। इस सभा पर जिला मजिस्ट्रेट जनरल ओ डायर ने बिना किसी चेतावनी के गोली चलवा दी जिसमें लगभग 1000 लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हो गए।
खिलाफत आंदोलन:- प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटेन के खिलाफ तुर्की के पराजय के फलस्वरुप तुर्की के ऑटोमन साम्राज्य को विघटित कर दिया गया। तुर्की का सुल्तान इस्लामिक संसार का खलीफा हुआ करता था। खलीफा के पद को पुर्नस्थापित करने के लिए 1920 में मुसलमान ने खिलाफत आंदोलन किया
असहयोग आंदोलन का परिणाम :-
- असहयोग आंदोलन के बाद गांधी जी को 6 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
- खिलाफत के मुद्दे का अंत हो गया।
- हिन्दू-मुस्लिम एकता प्रभावित हुआ।
- स्वराज्य का लक्ष्य अधूरा रह गया।
- कॉग्रेस का मजबूत संगठनात्मक ढांचा का निर्माण।
- चरखा एवं करघा को बढ़ावा मिला।
- अंग्रेजी सत्ता की नींव हिल गई।
5. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में गांधी जी के योगदान का विवेचना करें। [2012A, 2015AI, 2018AI, 2021Al]
उत्तर :- भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महात्मा गांधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जनवरी 1915 ई० मे दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद अहमदाबाद में साबरमती आश्रम की स्थापना की। 1919 ई० से 1947 ई० तक राष्ट्रीय आंदोलन में गांधी जी की अग्रणी भूमिका रही।
गांधीजी के द्वारा बिहार के चंपारण में सत्याग्रह का प्रथम प्रयोग किया गया। चंपारण एवं खेड़ा में कृषक आंदोलन एवं अहमदाबाद में मजदूर आंदोलन का नेतृत्व प्रदान कर गांधी जी ने प्रभावशाली राजनेता के रूप में अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाई। प्रथम विश्व युद्ध के अंतिम दौर में इन्होंने कांग्रेस होमरूल एवं मुस्लिम लीग के नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित किए। रोलेट एक्ट के विरोध में इन्होंने सत्याग्रह की शुरुआत की। 1920 में ही महात्मा गाँधी अखिल भारतीय खिलाफत आन्दोलन के अध्यक्ष बने। इसे गांधीजी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता के महान अवसर के रूप में देखा।
महात्मा गांधी ने 1920 में असहयोग आंदोलन का शुरुआत की जिससे अंग्रेजी सत्ता का नींव हिल गई लेकिन 1922 चौरी चौरा कांड के कारण इसे वापस लेना पड़ा। फिर 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की और 1942 में गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन को शुरू कर करो या मरो का नारा दिया। अंततः 15 अगस्त 1947 ई० को देश आजाद हुआ।
6. ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के बीच की भिन्नता को स्पष्ट करें। [2011A, 2016AII, 2019C]
उत्तर- ग्रामीण तथा नगरीय जीवन के बीच निम्नलिखित भिन्नता है-
| गांव | शहर |
| गाँव की आबादी कम होती है। | शहर की आबादी अधिक होती है। |
| गाँव में खेती और पशुपालन मुख्य आजीविका है। | शहर में व्यापार और उत्पादन मुख्य आजीवीका होती है। |
| गांव की वातावरण स्वच्छ होती है। | शहर की वातावरण प्रदूषित होती है। |
| गाँव में शिक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होता है। | शहर में शिक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सुविधाएं उन्नत अवस्था में होती है। |
7. भूमंडलीकरण के कारण आमलोगों के जीवन में आने वाले परिवर्तनों को स्पष्ट करें। [2017AII, 2019AI, 2019C]
उत्तर- भूमंडलीकरण की प्रक्रिया के कारण विश्व के सभी राष्ट्र राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ गए। भूमंडलीकरण ने विश्व-स्तर पर लोगों को भौतिक, सांस्कृतिक एवं मनोवैज्ञानिक स्तर पर एकीकृत कर एकरूपता लाने का प्रयास किया है। आमलोगों का जीवन भूमंडलीकरण से गहरे रूप से प्रभावित हुआ है। मुक्त बाजार एवं व्यापार, खुली प्रतिस्पर्द्धा और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रसार हुआ है। उद्योग एवं सेवा क्षेत्र का निजीकरण एवं विस्तार हुआ है। इसका जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा1991 के पश्चात सेवा, बीमा क्षेत्र, पर्यटन उद्योग, सूचना और संचार के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण परिवर्तन आया है। यातायात, बैंक और बीमा, पर्यटन, दूर-संचार की सुविधा उपलब्ध कराने के व्यवसाय में लाखों लोगों को रोजगार मिले हैं। पर्यटन उद्योग का विकास होने से दूर एवं ट्रैवेल एजेंसियों की स्थापना हुई है। बड़े नगरों में शॉपिंग मॉल स्थापित किए गए हैं। बैंकिंग और बीमा क्षेत्र का विस्तार हुआ है। विगत वर्षों में सबसे अधिक विस्तार सूचना और संचार के क्षेत्र में हुआ है। मोबाइल फोन, कंप्यूटर और इंटरनेट, कूरियर सेवा का सामान्य जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने सरकारी नौकरी पर दबाव कम कर दिया है। यह भूमंडलीकरण का ही प्रभाव है कि नागरिकों का जीवन-स्तर बढ़ा है और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।
8. मुद्रण क्रांति ने आधुनिक विश्व को कैसे प्रभावित किया? [2017AI, 2020All, 2022AI]
उत्तर- उत्तर-मुद्रण क्रांति ने आम लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला दिया। मुद्रण क्रांति के फलस्वरूप पुस्तकें समाज के सभी वर्गों तक पहुँच गई। पाठकों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ने लगी। मुद्रण क्रांति के साथ ही छापाखाना की संख्या में वृद्धि के परिणामस्वरूप पुस्तक निर्माण में अप्रत्याशित वृद्धि हुई। जरूरत के अनुरूप पुस्तकों की उपलब्धता के फलस्वरूप सूचना, ज्ञान और संस्था से लोग तेजी से जुड़ते चले गये। जिसके परिणामस्वरूप लोक चेतना एवं दृष्टि में बदलाव संभव हुआ।
9. वन्य जीवो के हास के उत्तरदायी चार प्रमुख कारकों को लिखे [2014AI, 2019AI, 2020AI]
उत्तर- वन्य जीवो के हास के उत्तरदायी चार प्रमुख कारकः
(i) वन्य जीवों का शिकार- आर्थिक लाभों के लिए कुछ लोग वन्य जीवों का शिकार करते हैं। फलतः उनकी संख्या दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है।
(ii) प्रदूषण की समस्या- अम्ल वर्षा, पौधाघर प्रभाव जल एवं मृदा प्रदूषण और पराबैंगनी किरणें वन्य जीवों के हास के कारक हैं।
(iii) प्राकृतिक आवास का ह्रास- वन्य जीवों का आवास क्षेत्र वन है। अप्रत्याशित ढंग से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक विकास, शहरीकरण, बड़े बाँध या अन्य परियोजनाएँ इनके आवास का अतिक्रमण कर रही हैं।
(iv) वनों में आग लगना- प्राकृतिक या मानविक कारणों से वनों में आग लग जाती है। इससे वन्य जीव नष्ट हो जाते हैं।
10. गेंहू उत्पादन हेतु मुख्य भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करते हुए भारत के गेहूं क्षेत्रों के नाम लिखें- [2011A, 2014A, 2018C]
उत्तर:- गेहूं भारत का दूसरी प्रमुख खदान फसल है गेहूं के उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है। भारत में विश्व का 10% गेहूं का उत्पादन होता है। गेहूं के उत्पादन के लिए 50 से 75 सेंटीमीटर वार्षिक वर्षा की आवश्यकता होती है। 1967 ईस्वी में हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव गेहूं के फसल पर ही पड़ा था। गेहूं का उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र आदि है। गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है।

11. भारतीय कृषि की (5) पाँच प्रमुख विशेषताओं को लिखिए। [2013A, 2019AI, 2021A]
उत्तर:- भारतीय कृषि की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है:-
- भारतीय कृषि मानसून पर निर्भर है।
- भारत के लगभग दो तिहाई लोगों की जीविका कृषि पर आधारित है।
- भारत के राष्ट्रीय आय में कृषि का योगदान 24% है। भारत के अधिकांश जनसंख्या को कृषि से ही भोजन प्राप्त होता है।
- भारत में कृषि आधारित कई उद्योग है:- सूती वस्त्र उद्योग, गन्ना उद्योग, चीनी उद्योग।
12. भारतीय रेल परिवहन की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए । [2012A, 2015AII, 2019AII]
उत्तर- भारतीय रेल परिवहन की प्रमुख विशेषताएं :-
- भारतीय रेल प्रणाली एशिया में सबसे बड़ी तथा विश्व की तीसरी बड़ी रेल प्रणाली है।
- विश्व की सबसे अधिक विद्युतीकृत रेलगाड़ियाँ रूस के बाद भारत में ही चलती हैं।
- दो बड़े शहरों एवं महानगरों के बीच तीव्र गति से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस एवं शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।
- छोटे शहरों को महानगरों एवं बड़े शहरों से जोड़ने के लिए जन-शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ियाँ चलायी जा रही हैं।
- माल ढुलाई के लिए प्राइवेट कंटेनर एवं वैगन, मालगाड़ियों में लगाई जा रही हैं।
- 1 अगस्त 1947 से रेल मंत्रालय ने रेल यात्री बीमा योजना शुरू की है।
- रेल संपत्तियों एवं रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए जी०आर०पी० (GRP) एवं आर०पी०एफ० (RPF) की व्यवस्था है।
- 31 मार्च 2007 तक भारतीय रेल के पास 6909 स्टेशन, 8153 रेल इंजन, 45360 गाड़ियाँ एवं 1905 अन्य सवारी गाड़ियाँ उपलब्ध थीं।
- पूर्वोत्तर राज्यों में मेघालय एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ रेलमार्ग नहीं है।
13. बिहार की कृषि समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करें। [2019AI, 2020All, 2021Al]
उत्तर- भारतीय कृषि की निम्न समस्या है :-
(i) मिट्टी कटाव एवं गुणवत्ता का हास- भारी वर्षा के कारण मिट्टी का कटाव होता है, साथ ही वर्षों से लगातार रासायनिक खादों के उपयोग से भी मिट्टी का हास हो रहा है।
(ii) घटिया बीजों का उपयोग उच्च कोटी के बीज का उपयोग नहीं होने के कारण प्रति एकड़ उपज अन्य राज्यों की अपेक्षा कम है।
(iii) खेती का छोटा आकार हमारे राज्य में खेतों का आकार छोटा है जिसके कारण वैज्ञानिक पद्धति से खेती सम्भव नहीं हो पाती है।
(iv) किसानों में रूढ़ीवादिता- यहाँ के किसान परिश्रम पर कम, भाग्य और रूढ़िवादित पर अधिक भरोया करते हैं।
(v) सिंचाई की समस्या- यहाँ की कृषि मॉनसून पर निर्भर है, बाढ़ और सुखाड़ यहाँ की नियति है, फिर भी सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं है। यहाँ सकल की गई भूमि के मात्र 46 प्रतिशत पर ही सिंचाई हो पाती है, शेष भाग सिंचाई से वंचित रह जाता है।
(vi) बाढ़- यहाँ की अधिकतर नदियाँ विनाशकारी बाढ़ के लिए प्रसिद्ध हैं। हिमालय से निकलने वाली नदियाँ अपने साथ भारी मात्रा में सिल्ट जमा करती हैं, तली सिल्ट के जमाव के कारण नदियाँ अपना मार्ग बदल देती हैं, जिसके कारण भयंकर बाढ़ आता है और बड़े पैमाने पर जान माल की क्षति होती है। इन सभी समस्याओं के अतिरिक्त, पूँजी का अभाव, पशुओं की दयनीय दशा, जनसंख्या, आर्थिक एवं सामाजिक समस्याएँ भी कृषि के विकास में बाधक हैं।
14. नगर निगम के प्रमुख कार्यों का वर्णन करें? [2011, 2015, 2018, 2021]
उत्तर :- नगर निगम के प्रमुख कार्य:-
- नगर क्षेत्र की नालियों, पेशाब खाना शौचालय आदि निर्माण करना एवं उसकी देखभाल करना।
- कूड़ा करकट तथा गंदगी की सफाई करना।
- पीने के पानी का प्रबंध करना।
- प्रारंभिक स्तरीय सरकारी विद्यालयों, पुस्तकालयों, अजायबघर की स्थापना तथा व्यवस्था।
- खतरनाक जानवरों तथा पागल कुत्तों को मारने का प्रबंध
- दूधशाला की स्थापना एवं प्रबंध करना
- आग बुझाने का प्रबंध करना
- मनोरंजन गृह का प्रबंध करना
- जन्म मृत्यु का पंजीकरण का प्रबंध करना
- नगर की जनगणना करना।
- नए बाजारों का निर्माण करना
- नगर में बस आदि चलवाना
- शमशानों तथा कब्रिस्तानों की देखभाल करना
- गृह उद्योग तथा सहकारी भंडार की स्थापना करना आदि।
- विभिन्न कल्याण केन्द्रों जैसे मातृ केंद्र, शिशु केंद्र, वृद्ध आश्रम की स्थापना एवं देखभाल।
15. नगर निगम की आय के प्रमुख स्रोत को बतायें ? [2012, 2015, 2023]
उत्तर :- नगर परिषद के आय के स्रोत:-
- राज्य सरकार के द्वारा अनुदान
- सफाई कर
- व्यवसाय कर
- शिक्षा कर
- मनोरंजन कर
- वाहन कर
- विज्ञापन कर
16. राजनीतिक दल के प्रमुख कार्य को बताए। [2013, 2014, 2016, 2017, 2019]
उत्तर :- राजनीतिक दलों के निम्नलिखित प्रमुख कार्य हैं –
नीतियाँ एवं कार्यक्रम तय करनाः – राजनीतिक दल जनता का समर्थन पाप्त करने के लिए नीतियाँ एवं कार्यक्रम तैयार करते हैं।
लोकमत का निर्माण:- लोकतंत्र में जनता की सहमति या समर्थन से ही सत्ता प्राप्त होती है। इसके लिए शासन की नीतियों पर लोकमत प्राप्त होता है और इस तरह के लोकमत का निर्माण राजनीतिक दल के द्वारा ही हो सकता है।
राजनीतिक प्रशिक्षण:- राजनीतिक दल मतदाताओं को राजनीतिक प्रशिक्षण देने का भी काम करता है। राजनीतिक दल खासकर चुनावों के समय अपने समर्थकों को राजनैतिक कार्य, जैसे-मतदान करना, चुनाव लड़ना, सरकार की नीतियों की आलोचना करना या समर्थन करना आदि बनाते हैं।
दलीय कार्यः – प्रत्येक राजनीतिक दल कुछ-संबंधी कार्य भी करते हैं, जैसे-अधिक-से-अधिक मतदाताओं को अपने दल का सदस्य बना, अपनी नीतियाँ एवं कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार करना तथा दल के लिए चंदा इकट्ठा करना, आदि।
17. लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की क्या आवश्यकता हैं। [2016, 2019, 2023]
उत्तर: – राजनीतिक दल लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था में काफी महत्त्वपूर्ण कार्य करते हैं। जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान में राजनीतिक दल महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसीलिए लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था में राजनीतिक दलों की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। किसी भी शासन-व्यवस्था में किसी भी समस्या पर हजारों लोग अपना विचार रखते हैं।
किन्तु, इन विचारों और दृष्टिकोणों का कोई मतलब नहीं रह जाता है जब तक इन विचारों को किसी दल के विचारों से न जोड़ा जाए। राजनीतिक दल देश के लोगों की भावनाओं एवं विचारों को जोड़ने का ाम करते हैं। इस दृष्टि से हमारे लिए राजनीतिक दलों की आवश्यकता है। यदि दल नहीं होगा तो सभी उम्मीदवार निर्दलीय होंगे। उम्मीदवार अपनी नीतियाँ राष्ट्रहीत में न बनाकर उस क्षेत्र विशेष के लिए बनाएँगे जिन क्षेत्रों से वे चुनाव लड़ रहे हैं।
18. परिवारवाद और जातिवाद बिहार में किस तरह लोकतंत्र को प्रभावित करता है? [2014, 2016, 2017, 2018]
उत्तर:- बिहार में लोकतंत्र को प्रभावित करने वाले अनेक कारण है परंतु इन कारकों में परिवारवाद और जातिवाद अपने चरम पर है। यहां देखने को मिलता है किसी प्रतिनिधि की मौत हो जाती है तो उस स्थान के लिए उसके परिवार के सदस्य या संगे संबंधियों को ही उम्मीदवार बना दिया जाता है भले ही वह राजनीति के लिए योग्य हो या न हो। दूसरी ओर चुनाव के जातीय समीकरण बिहार में बनना तो जैसे परंपरा हो गई है।
19. क्या आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौती है? स्पष्ट करें। [2012, 2013, 2014, 2015, 2017, 2020]
उत्तर:- धमकी, हिंसा, हत्या, अपहरण और सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करके शासन पर अपनी बात को मनवाने के लिए दबाव बनाना आतंकवाद कहलाता है। आतंकवाद के जन्म के मूल कारणों में धार्मिक कट्टरता या आर्थिक विषमता होती है। हिंसा किसी भी राजनीतिक व्यवस्था के लिए अच्छी नहीं होती है। लोकतंत्र में हिंसा या आतंक उत्पन्न हो जाता है जिससे लोकतांत्रिक काम-काज पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
अतः आतंकवाद लोकतंत्र के लिए चुनौती होता जा रहा है। आतंकवाद पूरे विश्व में एक ज्वलंत मुद्दा बन गया है। जिसका समाधान विश्व स्तर पर भी हो रहा है। फिर भी आतंकवाद दुनिया के लोकतंत्रात्मक शासन व्यवस्था में चुनौती है। यह चुनौती लोकतंत्र के लिए घातक बनता जा रहा है।
20. आर्थिक विकास क्या है? आर्थिक विकास तथा आर्थिक वृद्धि में अंतर बतावें। [2012A, 2014All, 2023AI]
उत्तर:- प्रो. मेयर एवं बाल्डविन के अनुसार “आर्थिक विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा दीर्घ काल में किसी अर्थव्यवस्था की वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है”।
सामान्यतः आर्थिक विकास और आर्थिक वृद्धि में कोई अंतर नहीं माना जाता है। दोनों शब्द एक दूसरे के स्थान पर प्रयोग किया जाता है। लेकिन कुछ अर्थशास्त्रियों के द्वारा दोनों के बीच अंतर क्या जाने लगा हैं। आर्थिक वृद्धि शब्द का प्रयोग विकसित देशों के लिए किया जाता है और आर्थिक विकास का प्रयोग विकासशील देशों के लिए किया जाता हैं।