Bihar Board 12th Chemistry Viral Subject Question 2026: बिहार बोर्ड 12वीं वार्षिक परीक्षा 2026 वहीं पढ़े जो परीक्षा में आएगा @govbiharboard.com

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Bihar Board 12th Chemistry Viral Subject Question 2026: बिहार बोर्ड 12वीं वार्षिक परीक्षा 2026 वहीं पढ़े जो परीक्षा में आएगा @govbiharboard.com

Bihar Board 12th Chemistry Viral Subject Question 2026:

प्रश्न 1. बिन्दु दोष को परिभाषित करें। ठोस रवा में फ्रेंकल दोष क्यों उत्पन्न हो जाता है [2009A, 2019A]
उत्तर:- क्रिस्टल में स्टॉइकियोमीट्री, नानस्टॉइकियोमीट्री एवं अशुद्धता दोष को बिन्दु दोष कहा जाता है। ठोस रवा में आयन का आकार काफी छोटा होता है। इन आयन के लिए अपनी स्थिति छोड़ना तथा क्रिस्टल जालक में स्थिति प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान होता है। जैसे AgCl, AgBr, AgI आदि।

प्रश्न 2. ‘शॉट्की त्रुटि’ तथा ‘फ्रेंकल त्रुटि’ के बीच क्या अंतर है ? [2011A, 2016A]
उत्तर:- शॉट्की त्रुटि में जालक से कटायन तथा अनायन लुप्त होते हैं जिससे इनका घनत्व कम हो जाता है जबकि फ्रेंकेल त्रुटि में अनायन अपने स्थान को छोड़कर अंतराकाशी साइट में चला जाता है जिससे इनका घनत्व में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

प्रश्न 3. फेरोचुम्बकीय तथा पाराचुम्बकीय में क्या अंतर है ? [2011AJ
उत्तर:- फेरोचुम्बकीय : वैसा पाराचुम्बकीय पदार्थ जो बाहरी आरोपित चुम्बकीय क्षेत्र हटा लेने के बावजूद चुम्बकीय गुणों को प्रदर्शित करता है, फेरोचुम्बकीय पदार्थ कहलाता है।
पाराचुम्बकीय : वैसा पदार्थ जिसके आर्बिटल में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हो तथा बाहरी आरोपित चुम्बकीय क्षेत्र के हटाते ही वह चुम्बकीय गुण खो देता है, पाराचुम्बकीय कहलाता है।

प्रश्न 4. निम्नलिखित यौगिकों में से किसके रासायनिक आबंध में आयनिक अभिलक्षण होगा, LiCl अथवा KCI. [2015A]
उत्तर:- LiCl, क्योंकि Li का आकार K से बहुत ही छोटा होता है।

प्रश्न 5. CsCI के बनावट का संक्षिप्त विवरण दें।[2015A]
उत्तर:- CsCI की संरचना में, CI आयन किनारों पर रहता है जबकि Cs+ आयन कोष्ठिका पर रहता है। इसमें Cs एवं CI का उपसंयोजन संख्या 8 : 8 होता है। यूनिट सेल की संख्या एक होती है।

प्रश्न 6. (a) उप-सहसंयोजन संख्या (Co-ordination number) का क्या अर्थ है [2016A]
(b) निम्न परमाणुओं की उपसहसंयोजन संख्या क्या है ?
(i) घनीय निविड़ संकुलित संरचना में
(ii) अंतः केन्द्रित घनीय संरचना में।
उत्तर:- (a) ठोस में कोई एक जालक बिन्दु जितने अन्य जालक बिन्दुओं के संपर्क में रहता है, उसे उपसहसंयोजन संख्या कहते हैं।
(b) (i) बारह (ii) अंत केन्द्रित घनीय संरचना = 8

प्रश्न 7. सोडियम क्लोराइड का गलनांक सोडियम के गलनांक की तुलना में अधिक होता है। उचित कारण बताइए ।
उत्तर: -सोडियम क्लोराइड एक आयनिक ठोस है, जिसमें Nat एवं CI आयनों के बीच आकर्षण का प्रबल कूलॉम बल होता है । किन्तु सोडियम एक धात्विक ठोस है जिसमें आकर्षण का बल तुलनात्मक रूप से (comparatively) दुर्बल (weak) होता है । इसलिए सोडियम क्लोराइड का गलनांक सोडियम के गलनांक से अधिक होता है ।

प्रश्न 8. गैस लाइटर दबाने पर ज्वाला उत्पन्न करता है । व्याख्या कीजिए।
उत्तर: -कुछ गैस लाइटर दाब वैद्युत् (Peizoelectric) क्रिस्टलों के बने होते हैं। जब दाब लगाया जाता है तो क्रिस्टल में घटकों के विस्थापन के कारण चिंगारी निकलती है । परिणामस्वरूप लाइटर में उपस्थित ईंधन गैस आग पकड़ लेती है और इस प्रकार ज्वाला उत्पन्न होती है।

प्रश्न 9. उपसहसंयोजन संख्या से आप क्या समझते हैं? ccp तथा bee में उपसहसंयोजन संख्या बतायें। [B.M.2017]
उत्तर:- उपसहसंयोजन संख्या वह संख्या है जो बतलाता है कि किसी पदार्थ की संरचना में एक अवयवी कण के निकट और कितने अन्य कण अवस्थित है। ccp में उपसहसंयोजन संख्या 12 = bcc में उपसहसंयोजन संख्या = 8

प्रश्न 10. फ्रेंकल दोष से आप क्या समझते हैं [B. M. 2019]
उत्तर:- यह दोष आयनिक ठोस द्वारा दिखाय जाता है। लघुतर आयन अपने वास्तविक स्थान से विस्थापित होकर अंतराकाश स्थान में चला जाता है। यह वास्तविक स्थान पर रिक्तिका दोष और नए स्थान पर अंतराकाशी दोष उत्पन्न करता है। यह ठोस के घनत्व को परिवर्तित नहीं करता है। यह दोष ZnS, AgCl, AgBr, Agl इत्यादि में होता है।

Bihar Board 12th Chemistry Viral Subject Question 2026
Bihar Board 12th Chemistry Viral Subject Question 2026

प्रश्न 11. F- केंद्र क्या है ?
उत्तर: -अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों द्वारा भरी ऋणायनिक रिक्तिकाओं को F-केंद्र कहते हैं।

प्रश्न 12. फोटोवोल्टिक सेल क्या है ?
उत्तर:- अक्रिस्टलीय सिलिकॉन फोटोवोल्टिक सेल के रूप में कार्य करते हैं। सूर्य प्रकाश में विद्युत् उत्पन्न करते हैं ।

प्रश्न 13. अतिचालकता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर;- निम्न तापमान पर जब कोई पदार्थ विद्युत् बहाव का विरोध न करे, यह ये गुण अतिचालकता कहलाता है।

प्रश्न 14. दाब वैद्युत् (Piezo-electric) क्रिस्टल क्या हैं ?
उत्तर: -ये ऐसे क्रिस्टल होते हैं जो यांत्रिक प्रतिबल (mechanical stress) डालने पर वैद्युतधारा उत्पन्न करते हैं।

प्रश्न 15. पद ‘अक्रिस्टलीय (amorphous) को परिभाषित कीजिए। अक्रिस्टलीय ठोसों का कुछ उदाहरण दीजिए।
उत्तर:- ऐसा ठोस जिसका कोई निश्चित ज्यामितीय आकार नहीं होते हैं, अक्रिस्टलीय ठोस कहलाता है। उदाहरण सीसा, रबर, प्लास्टिक सेल्यूलोज आदि।

प्रश्न 16, किसी वर्ग निविड़ संकुलित परत में एक अणु की द्विविमीय उपसहसंयोजन संख्या कितनी होती है ?
उत्तर:- द्विविमीय वर्ग निविड संकुलित परत (Two dimensional square close pack layer) में कोई विशेष अणु चार अणुओं के सम्पर्क में होता है। अतः अणु की उपसहसंयोजन संख्या चार होती है।

प्रश्न 17. ठोसों का आयतन निश्चित क्यों होता है ?
उत्तर:- अपनी संरचना में कठोरता के कारण ठोस अपना आयतन बनाये रखते हैं। चूँकि कणों के बीच स्थान नगण्य होता है, दाब डालकर उनका आयतन परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 18. काँच को अतिशीतित द्रव (Super cooled liquid) क्यों माना जाता है ?
उत्तर:- ठोस होने पर भी काँच को अतिशीतित द्रव माना जाता है क्योंकि यह द्रवों के कुछ अभिलक्षणों को दर्शाता है। उदाहरण के लिए पुराना काँच पेंदे पर थोड़ा मोटा होता है। अतः यह द्रवों की तरह बहुत मंद गति से प्रवाहित होता है।

प्रश्न 19. (i) ZnS द्वारा किस प्रकार का स्टॉइकियोमीट्री दोष दर्शाया जाता है ?
उत्तर:- (i) ZnS क्रिस्टल में फ्रेंकेल दोष हो सकता है क्योंकि धनायनों का आकार ऋणायनों की तुलना में छोटा होता है।
(ii) AgBr में फ्रेंकेल एवं शॉट्की दोनों दोष हो सकते हैं।

प्रश्न 20. जालक बिन्दु (Lattice point) का अर्थ बताएँ ।
उत्तर:- जालक बिन्दु जिसे सामान्यतया बिन्दु (.) द्वारा प्रदर्शित करते हैं, ठोस में यूनिट सेल के संघटक कणों को निरूपित करता है। यह परमाणु, अणु या आयन हो सकता है।

प्रश्न 21. ठोस कठोर क्यों होते हैं ?
उत्तर:- ठोस कठोर होते हैं क्योंकि इसके संघटक कण अति संकुलित (Very Closely Packed) अति निकटता से बंधे होते हैं। इनमें कोई स्थानान्तरण गति (translatory movement) नहीं होती है और ये अपनी माध्य स्थिति के परितः मात्र कम्पन कर सकते हैं।

प्रश्न 22. आयनिक ठोस क्यों गलित अवस्था में चालक होते हैं किन्तु ठोस अवस्था में नहीं ?
उत्तर:- आयनिक ठोसों में वैद्युत चालकता आयनों की गति के कारण होता है, चूँकि ठोस अवस्था में आयनिक गतिशीलता नगण्य (negligible) होती है, ये इस अवस्था में चालक नहीं होते हैं। गलित अवस्था में उपस्थित आयनों में कुछ गतिशीलता आ जाती है। अतः आयनिक ठोस गलित अवस्था में चालक बन जाते हैं।

प्रश्न 23. संयोजक बैंड अंतराल सिद्धांत क्या है ? चालक, अर्धचालक और अचालक में अंतराल की तुलना करें ।
उत्तर:- चालक बैंड और पूरित बैंड के मध्य अंतराल संयोजक बैंड अंतराल सिद्धांत में अंतराल होता है। यह अंतराल चालक में सबसे कम तथा अचालक में सबसे अधिक होता है ।

प्रश्न 24. ठोस प्रायः असम्पीड्य (incompressible) क्यों होता है ?
उत्तर:- ठोस के अवयवी कण इतने निविड संकलित (निकटता से बंधे होते हैं कि दाब लगाने पर ये और निकट नहीं आते हैं। इस प्रकार ठोस प्रायः असम्पीड्य होते हैं ।

प्रश्न 25. द्रवों की तुलना में ठोसों में विसरण (diffusion) कम क्यों होता है ?
उत्तर:- ठोसों में संघटक कण निविड संकुलित होते हैं । द्रवों की तुलना में, जिसमें संघटक कण कम निविड संकुलित होते हैं, ठोसों में रिक्त स्थानों की कमी होती है। अतः ठोसों में विसरण प्रायः नगण्य होता है जबकि द्रव विसरित हो सकते हैं।

Bihar Board 10th 12th Exam 2026 New Pattern: बिहार बोर्ड मैट्रिक और इंटर वार्षिक परीक्षा 2026 में 5 बड़ें बदलाव @govbiharboard.com

Leave a Comment